शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

News

सुकन्या समृद्धि खाता

loading...

 सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना को भारत सरकार की अधिसूचना क्र. जी.एस.आर.863(ई) दिनांक 2 दिसंबर 2014 के अनुसार शुरू किया गया है और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अपने पत्र क्र. आरबीआई/2014-15/494/आईडीएमडी (डीजीबीए).सीडीडी/क्र.4052/15.02.006/2014-15 दिनांक 11 मार्च 2015 के अनुसार बैंकों को सर्कूलेट किया गया है। इस योजना के अंतर्गत खाते खोलने की सुविधा एसबीआई की सभी शाखाओं में उपलब्ध है।

उद्देश्य : बालिकाओं के कल्याण को बढ़ावा देना।

खाता कौन खोल सकता है : बालिकाओं की तरफ से उनके नैसर्गिक/विधिक अभिभावक।

खातों की अधिकतम संख्या : दो बालिकाओं तक या द्वितीय जन्म के समय जुड़वा बालिकाओं के मामले में तीन बालिकाओं तक या प्रथम जन्म के समय ही पैदा हुई तीन बालिकाओं तक।

न्यूनतम और अधिकतम जमा राशि : एक सौ रुपए के गुणक के साथ प्रारंभिक राशि न्यूनतम रु.1000/- और उसके बाद एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम वार्षिक राशि रु.1,50,000/-।

जमा की अवधि : खाता खोलने की तिथि से 21 वर्ष।

अधिकतम अवधि जिसमें राशि जमा की जा सकती है : खाता खोलने की तिथि से 14 वर्ष।

जमा पर ब्याज : जिस प्रकार भारत सरकार ने अधिसूचित किया है, मासिक ब्याज भुगतान के विकल्प के साथ वार्षिक आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज जिसकी गणना पूर्णांकित हजार वाली शेष राशि पर की जाएगी। (वर्तमान दर 9.20%)।

कर में छूट : आय-कर अधिनियम, 1961 की धारा (सी) के अंतर्गत यथा प्रयोज्य।

समय से पूर्व खाता बंद करना : जमाकर्ता की मृत्यु के मामले में या जीव घातक बीमारियों, जिन्हें केन्द्रीय सरकार के आदेश द्वारा प्राधिकृत किया जाएगा, में चिकित्सा सहायता जैसे अनुकंपा आधार वाले मामलों में अनुमत किया जाएगा।

अनियमित भुगतान/खाते को फिर से शुरू करना : प्रति वर्ष न्यूनतम निर्दिष्ट राशि के साथ प्रति वर्ष के हिसाब से रु.50/- के दण्ड का भुगतान करके।

जमा करने का ढंग : नकद/चेक/मांग ड्राफ्ट।

आहरण : 18 वर्ष की आयु होने के बाद उच्च शिक्षा, शादी के प्रयोजन हेतु पिछले वित्त वर्ष की समाप्ति पर खाते में पड़े हुए शेष का 50%।

नोट : चूंकि यह भारत सरकार की योजना है, इसलिए ग्राहकों को सूचित किया जाता है कि वे अद्यतन अनुदेशों/ योजना से संबंधित संशोधनों के लिए वेबसाइट www.nsiindia.gov.in देखें।

Comments