शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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चैत्र नवरात्र 28 मार्च से, जानिए किस दिन होगी किस देवी की आराधना और घटस्थापना मुहूर्त





साल 2017 की चैत्र नवरात्र 28 मार्च से शुरू होगी. इस पूजा की शुरुआत घटस्थापना से होगी, जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 08 बजकर 26 मिनट से लेकर 10 बजकर 24 मिनट तक का है. नौ दिनों तक चलने इस पूजा में तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों आराधना की जाएगी. वैसे तो एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों में कुल मिलाकर चार बार नवरात्र आते हैं, लेकिन इनमें से चैत्र और आश्विन नवरात्र सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं.

वसंत ऋतु में होने के कारण चैत्र नवरात्र को वसंत, वासंती या वासंतिक नवरात्र भी कहा जाता है. उल्लेखनीय है कि चैत्र शुक्ल पक्ष के नवरात्रों के साथ ही हिन्दू नवसंवत्सर शुरू हो जाता हैं. इस साल 28 मार्च से शुरू होने वाले यह नवरात्र पांच अप्रैल तक चलेगा. प्रस्तुत है इस चैत्र नवरात्र की मुख्य तिथियां:



  • 28 मार्च 2017 : नवरात्र के पहले दिन दिन घटस्थापना होगी और देवी शैलपुत्री की पूजा की जाएगी.
  • 29 मार्च 2017 : नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी.
  • 30 मार्च 2017 : नवरात्र के तीसरे दिन देवी दुर्गा के चन्द्रघंटा रूप की आराधना की जाएगी.
  • 31 मार्च 2017 : इस साल 31 तारीख को माता के चौथे स्वरूप देवी कूष्मांडा जी की आराधना की जाएगी.
  • 01 अप्रैल 2017 : नवरात्र के पांचवें दिन भगवान कार्तिकेय की माता स्कंदमाता की पूजा की जाएगी.
  • 02 अप्रैल 2017 : चैत्र नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी.
  • 03 अप्रैल 2017 : नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी.
  • 04 अप्रैल 2017 : नवरात्र के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाएगी. इस दिन कई लोग कन्या पूजन भी करते हैं.
  • 05 अप्रैल 2017 : नौवें दिन भगवती के देवी सिद्धदात्री स्वरूप का पूजन की जाएगी. सिद्धिदात्री की पूजा से नवरात्र में नवदुर्गा पूजा का अनुष्ठान पूर्ण हो जाता है.


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