शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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एक साधारण लड़के की असाधारण कहानी- लाईफ ऑफ पाई


कहते हैं जो इंसान खुद की मदद नहीं करता उसकी मदद खुदा भी नहीं करता। कुछ यही थीम लिये हॉलीवुड निर्देशक एंग ली की फिल्म लाइफ ऑफ पाई आगे बढ़ती है। फिल्म को देखने के बाद दिल में सिर्फ एक ही ख्याल आया कि इंसान के अंदर अगर जीने की चाहत हो तो वो किसी भी मुश्किल से खुद को बाहर निकाल सकता है। खुदा ने ये जिंदगी हमें सिर्फ एक बार ही दी है अब ये हमारे ऊपर है कि हम इससे जुड़ी मुश्किलों से घबराकर इसका हाथ छोड़ देते हैं या फिर हर बड़ी से बड़ी मुश्किल का सामना करते हुए भी इसका हाथ थामे रहते हैं। कहानी- लाइफ ऑफ पाई एक साधारण लड़के अब्दुल पाई पटेल की कहानी है जो कि अपने पिता संतोष पटेल के साथ पॉंडीचेरी में रहता है। पॉंडीचेरी में उसके पिता का एक जू है। एक दिन पाई के पिता अपने बिजनेस को और बढ़ाने के लिए शहर से बाहर जाने का फैसला करते हैं। वो लोग पानी के रास्ते से अपने जू के जानवरों को लेकर कनाडा की ओर जाते हैं। लेकिन रास्ते में एक समुद्री तूफान में फंसकर उनका जहाज पलट जाता है और एक लाइफ बोट में सिर्फ पाई और उसके जू के चार जानवर बचते हैं जिनमें बंगाली शेर पार्कर, जेब्रा, लकड़बग्गा और वनमानुष हैं। धीरे धीरे समय व्यतीत होता जाता है और शेर को छोड़कर तीनों जानवर भी मर जाते हैं। अंत में सिर्फ पाई और पार्कर शेर बचते हैं। पाई के किरदार में सूरज शर्मा को लोगों ने बेहद पसंद किया। कहा जा रहा है कि सूरज ने पाई के किरदार को जिया है सिर्फ उसकी एक्टिंग नहीं की है। जिंदगी को किसी भी कीमत पर ना खोने का साहस और हिम्मत, अपने साथियों को जिंदा रखने के लिए पाई की मौत से जंग इन सभी बातों को सूरज ने बड़ी ही खूबसूरती से स्क्रीन पर उतारा है। पाई के अलावा शेर का किरदार भी फिल्म देखते समय दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता है।



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