शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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110वीं बार साइकिल पर वैष्णो देवी की यात्रा कर चुके है राजिन्दर गुप्ता

110वीं बार साइकिल पर वैष्णो देवी की यात्रा कर चुके है राजिन्दर गुप्ता 
14 बार साइकिल से श्री अमरनाथ जी की यात्रा कर चुके है
आपसी भाईचारे व विश्व शांति का सन्देश लेकर साइकिल पर 5 लाख 22 हजार कि.मी. का सफर तय करने वाले भटिंडा निवासी राजिन्दर गुप्ता ने बताया की माँ की कृप्या से वह अब तक जहाँ 5 लाख 22 हजार कि.मी. की सफर तय कर चुके हैं। इसी तरह वह 110वीं बार वैष्णो देवी के दरबार में हाजरी लगवा चुके हैं। इसी तरह से 14 बार भटिंडा से श्री अमरनाथ जी की यात्रा का पड़ाव जोकि 980 कि.मी. का है, को 20 दिनों में पूरा कर चुके है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया की कई बार रस्ते में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है लेकिन कभी भी हिम्मत नहीं हारी। माँ की कृप्या से उन्हें भक्तों द्वारा सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया की साढ़े 5 ;लाख कि.मी. की यात्रा साइकिल से पूरी करने के उपरांत उनका नाम गिनीज बुक ऑफ़ में आ जाएगा, जिसके लिए वह प्रयासरत हैं ।







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