शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

News

अभिनेता अनुपम खेर के तीखे सवाल सुनकर सुप्रीम कोर्ट के जजों का माथा ठनका




11 मई से तीन तलाक के मुद्दे की सुनवाई के लिए 5 जज़ों की टीम बैठ चुकी है। सुनवाई के पहले ही दिन कोर्ट नें कहा था कि अगर तीन तलाक का मामला इस्लाम धर्म का हुआ तो उसमें हम दखल नही देंगे।
इसपर बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर नें तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि, ठीक है माई लॉर्ड, अगर आप धर्म के मामले में दखल नही देना चाहते तो जलीकट्टू, दही हांड़ी, गो हत्या, राम मंदिर जैसे कई हिंदुओ के मामले हैं जिसमें आप बेझिझक दखल देते हैं। क्या हिंदू धर्म आपको धर्म नही लगता? या फिर आप मुसलमानों की धमकियों से डरते हैं? अगर आप कुरान में लिखे होनें से तीन तलाक को मानते हैं तो पुराण में लिखे राम के अयोध्या में पैदा होनें को क्यों नही मानते?
हमें भी बताइए, यह सिर्फ मैं नही पूरा देश जानना चाहता है।

Source by: Internet


loading...

Comments