शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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मरती हुई माँ ने बचाई अपने बच्चे की जान

आधी रात को बहुत बारिश हो रही थी।
Karan और उसकी बीवी swati एक मित्र की
पार्टी से अपनी
गाडी से घर वापस लौट रहे थे..
बारिश की वजह से karan बहुत धीमी गति से
गाड़ी चला रहा
था,
तभी अचानक बिजली गिरी..
बिजली की रोशनी में Karan को गाड़ी के सामने
एक बदहवास सी
एक औरत दिखाई दी..
Karan ने गाड़ी रोक दी..!
गाड़ी रुकने पर उसकी
बीवी ने कहा :- क्या
हूआ..? गाड़ी क्यों
रोक दी..?
Karan ने आगे की ओर इशारा किया।
Swati ने आगे देखा तो वो डर गयी,
क्यों कि
गाड़ी के सामने एक
औरत खड़ी थी।
वो औरत गाड़ी के पास आयी, और हाथ से गाड़ी
का शीशा नीचे
करने का इशारा करने लगी।
Karan की बीवी swati काफी डर गयी थी,
उसने karan को गाडी
चलाने को कहा, लेकिन गाड़ी भी स्टार्ट नही
हुईं।
गाड़ी के बाहर खडी औरत बारिश की वजह से
भींग गयी थी।
वो हाथ जोडकर गाड़ी का शीशा नीचे करने
का इशारा कर रही
थी।
Karan को लगा कि वो औरत किसी मुसीबत मे है,
इसलिए उसने
गाड़ी का शीशा नीचे किया।
वो औरत हाथ जोडकर बोली, "भाई साहब मेरी
मदद करे..
तेज
बारिश की वजह से मेरी गाड़ी का एक्सीडेंट हो
गया है,
मेरी
गाड़ी रास्ते के नीचे गिर गयी है,
उसमें मेरी
छोटी बच्ची है..
प्लिज
उसे बचाईये..।"
Karan गाड़ी से उतरा और उस औरत के पीछे गया।
उस औरत की गाड़ी रास्ते के काफी नीचे गिर
गयी थी।
Karan नीचे उतरकर उस गाडी केपास गया तो देखा
कि उसमें एक
प्यारी छोटी सी फूल सी बच्ची रो रही है..
उसने बच्ची को बाहर निकाला,
फिर karan को
लगा की ड्रायवर
की सीट पर भी कोई है।
जब karan ने ड्रायवर की सीट पर देखा तो उसके
होश उड
गये,
क्योंकि ड्रायवर के सीट पर वही औरत खून से
लथपथ मरी पडी
थी।
Karan को अब सब समझ में आया।
वो बच्ची को लेकर अपनी गाड़ी के पास
आया
,बच्ची को अपनी
बीवी swati को दिया।
उसकी बीवी बोली, "वो औरत कहा है..? वह
कौन थीं...?"
Karan बोल
.
.
.
.
.
.
"वो एक माँ थी। मर कर भी बेटियों के लिये
तड़पती है मां ..!!"
ये पढ़कर मेरे दिल से आँसू निकल रहे है दोस्तों अगर
कोई मुसीबत में है
तो उसकी सहायता जरूर कीजि
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