शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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स्वस्थ रहने के अनमोल सूत्र

*स्वस्थ रहने के अनमोल सूत्र* :- 

  1. खाना खाने के १.३० घंटे बाद पानी पीना चाहिए।
  2. पानी घूँट घूँट करके पीना चाहिए, जिससे अपनी मुँह की लार पानी के साथ मिलकर पेट में जा सके, पेट में एसिड बनता है और मुँह में छार, दोनो पेट में बराबर मिल जाए तो कोई रोग पास नहीं आता है।
  3. पानी कभी भी ठंडा (फ्रिज का) नहीं पीना चाहिए।
  4. सुबह उठते ही बिना कुल्ला किए २-३ गिलास पानी पीना चाहिए, रात भर जो अपने मुँह में लार है वो अमूल्य है उसको पेट में ही जाना ही चाहिए।
  5.   खाना, जितने हमारे मुँह में दाँत है उतनी बार ही चबाना चाहिए।
  6. खाना जमीन में पालथी मुद्रा या उखड़ूँ बैठकर ही खाना चाहिए।
  7. खाने की सूची में एक दूसरे के विरोधी भोजन एक साथ नहीं रखना चाहिए। जैसे दूध के साथ दही, प्याज के साथ दूध, दही के साथ उड़द दाल।
  8. समुद्री नमक की जगह सेंधा नमक या काला नमक खाना चाहिए।
  9. रिफाइन तेल, डालडा जहर है, इसकी जगह अपने इलाके के अनुसार सरसों, तिल, मूँगफली, नारियल का तेल उपयोग में लाना चाहिए।
  10. दोपहर के भोजन के बाद कम से कम ३० मिनट आराम करना चाहिए और शाम के भोजन बाद ५०० कदम पैदल चलना चाहिए।
  11. घर में चीनी (शुगर ) का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि चीनी को सफेद करने में १७ तरह के जहर (केमिकल) मिलाने पड़ते हैं। इसकी जगह गुड़ का उपयोग करना चाहिए और आजकल गुड़ बनाने में कॉस्टिक सोडा मिलाकर गुड़ को सफेद किया जाता है इसलिए सफेद गुड़ नहीं खाना चाहिए। प्राकृतिक गुड़ ही खाना चाहिए। प्राकृतिक गुड़ चॉकलेट कलर का होता है।
  12. सोते समय हमारा सिर पूर्व या दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए।   
  13. घर में कोई भी अलूमिनियम के बर्तन, कुकर नहीं होना चाहिए। हमारे बर्तन मिट्टी, पीतल, लोहा, काँसा के होने चाहिए।
  14. दोपहर का भोजन ११ बजे तक एवं शाम का भोजन सूर्यास्त तक हो जाना चाहिए।
  15. सुबह के समय तक हमें देशी गाय के दूध से बनी छाछ (सेंधा नमक और जीरा बिना भुना हुआ मिलाकर) पीना चाहिए।   
  16. यदि हम उपरोक्त नियम अपने जीवन में लागू कर लेंगे तो हमें डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और देश के ८ लाख करोड़ की बचत होगी। यदि हम बीमार हैं तो उपरोक्त नियमों का पालन करके पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकते हैं।

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