शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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गोल्डेन बैल्स स्कूल में मनाया गुरू नानक देव जी का प्रकाश पर्व

श्री गुरू नानक देव जी का 550 वें प्रकाश पर्व को लेकर गोल्डेन बैल्स पब्लिक स्कूल में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके स्टूडेंटस की ओर से शबद कीर्तन किया गया। प्रकाश पर्व को लेकर स्टूडेंटस में काफी उत्साह और खुशी थी। स्कूल के छोटे बच्चे गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने गए। स्कूल में गुरु जी के जीवन तथा शिक्षाओं की जानकारी छात्रों तथा अध्यापकों की ओर से दी गई। सुबह श्री जपुजी साहिब का पाठ तथा कीर्तन किया गया। इसके उपरांत लंगर का आयोजन भी किया गया। जिसमे प्रबंधक कमेटी, अध्यापकों तथा छात्रों ने पूर्ण सहयोग दिया I छात्रों ने गुरु जी की मुख्य शिक्षा कीरत करो , नाम जपो , वंड के छको को अपने जीवन में अपनाने का प्रण लिया गया। स्कूल के चेयरमैन सी.एस बावा ने सभी को गुरुपूर्व की शुभकामनाएं दी तथा गुरु जी के जीवन की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने के लिए कहा।

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