शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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कुमार बंधुओं ने जमकर नचाया शिवभक्तों को बम भोले बम भोले... भजनों पर


कुमार बंधुओं ने जमकर नचाया शिवभक्तों को बम भोले बम भोले... भजनों पर





महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शुक्रवार को सेक्टर 32 ए के प्राचीन श्री हनुमान मंदिर में जाने माने सूफी व भजन गायक कुमार बंधुओं, अनूप कुमार व हेमंत कुमार ने शिव स्तुति करते हुए भगवान शिव के भजनों पर भक्तों को जमकर नचाया।

सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने फल फूल बेल पत्र आदि के साथ शिव का जलाभिषेक किया और शिवलिंग पर दूध चढ़ाकर पूजा अर्चना की। शाम को कुमार बंधुओं ने भजन संध्या में भगवान शिव के एक से बढक़र एक भजनों से शिव की लीला का गुणगान किया। कुमार बंधुओं ने ‘ओम नम: शिवाय’ से कार्यक्रम की शुरुआत कर ‘हे शंभु बाबा मेरे भोले नाथ’, ‘भोले के दर की देखो बहार’, ‘शिव नाम से है जगत में उजाला’, ‘भोले के दरबार बोलो जय जयकार’, ‘मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली’, ‘होली खेले मसाने में’, तथा ‘बम भोले बम भोले बम बम बम’ जैसे भजनों पर शिव भक्तों को जमकर नचाया। मंदिर के प्रधान संजीव कुमार व सचिव श्री सोनी जी ने सभी कलाकारों का सम्मान किया।

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