शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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कारोंना वायरस


 


1) इस वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोन होता तो कोई भी मस्क इसे रोक सकता है। ज्यादा कीमत का मास्क लेने की जरूरत नहीं।

2) यह वायरस हवा में नहीं रहता , यह किसी वस्तु पर य किसी जीव पर ही एक जगह से दूसरी जगह जाता है।
इसलिए यह हवा से नहीं फैलता।

3)यह वायरस धातु पर पड़ा हो तो 12 घंटों तक ही जीवित रहता है, किसी ऐसी संक्रमित धातु को छूने के बाद साबुन और पानी से अच्छे तरह हाथ धोएं।

4) कपड़ों पर यह वायरस 9 घंटों तक रहता है, कपड़ों को अच्छे तरह साबुन से धोएं और धूप में सूखने से मकसद पूरा होता है।

5) हाथों पर यह वायरस 10 मिनट तक रहता है, इसलिए एल्कोहोल स्ट्रिलाइजर को लगाकर बचाव करे , जेब में रखने की आदत डाले।

6) यह वायरस 26 से 27 डिग्री तापमान पर आने मर जाता है, इसलिए गर्म पानी पिएं, और सूरज की धूप लेे , आइस्क्रीम और ठंडे प्रदार्थ खाने से परहेज़ करें।

7) गर्म नमक के पानी से गरारे करें , यह वायरस को फेफड़ों तक पहुंचने से रोकता है।

8) भीड़ भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें ।

इन सभी बातों का पालन करें और कोरोना से बचें।

HIMALAYAN YOGIS RAMAN

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