शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

News

सुखना लेक का जलस्तर खतरे के पार पहुँचने पर खोले फ्लड गेट

 


लगातार तीन दिन से हो रही भारी बारिश ने सुखना लेक का जलस्तर 1163 फ़ीट के खतरे के निशाँ को भी पार कर दिया जिसके कारण सुखना के फ्लड गेट खोलने पड़े। करीब सुबह तीन बजे सुखना का जलस्तर काफी बढ़ गया और फ्लड गेट खोलने पर आसपास के कई क्षेत्रों में भारी मात्रा में पानी भर गया।

फ्लड गेट खुलते ही किशनगढ़, खुड्डा लाहौरा, आईटी पार्क और बलटाना स्थित क्षेत्र के लोगो को काफी नुकसान झेलना पड़ा। जलस्तर बढ़ने पर बलटाना पार्क के पास गंदा नाला भरे जाने पर बलटाना का पार्क, पुलिस चौकी और आसपास का कुछ क्षेत्र पानी में डूब गया।



सूखना लेक का फ्लड गेट खुलते ही लोग सहम गये। बलटाना पार्क के बाहर खड़ी गाड़ियाँ भी पानी में तैरती नज़र आयी और आसपास क्षेत्र के कुछ लोग अपना सामान इकठा कर पैदल ही चलते दिखाई दिये। जिसको देखते हुए आसपास के लोग इकठा हो गये।

इस से पहले सितम्बर 2018 में फ्लड गेट खोले गए थे। दस साल पहले यानि 2008 में भी भारी बारिश के चलते सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने पड़े थे।

Comments