शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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ट्रांसपोर्ट चौक पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एयर प्योरीफायर टाॅवर लगाने का काम शुरू हुआ

 ट्रांसपोर्ट चौक पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एयर प्योरीफायर टाॅवर लगाने का काम शुरू हुआ

 



चंण्डीगढ : से. 26 स्थित ट्रांसपोर्ट चौक पर एयर प्योरीफायर टाॅवर लगाने का काम शुरू हो गया है। ये चौक चंडीगढ़ के सर्वाधिक प्रदूषित स्थलों में से एक है। ये दावा किया जा रहा है कि इस टावर के लगने से इस चौक के आसपास की आबो-हवा साफ़ सुथरी हो जाएगी व लगभग 500  मीटर के दायरे में तापमान भी 5 से 6 डिग्री कम हो जाएगा।
चंण्डीगढ में प्रदूषण और वन विभाग के डायरेक्टर देवेंद्र दलाई (आईएफएस) की मौजूदगी में बसंत पंचमी के रोज यहां भूमि पूजन संपन्न हुआ। पायस एयर प्राईवेट लिमिटेड (Pious Air Pvt. Ltd ) नाम की कंपनी के अधिकारियों मनोज जेना व नितिन आहलुवालिया के मुताबिक ये एयर प्योरीफायर लगभग 24 मीटर ऊंचा टाॅवरनुमा ढांचा होगा जो आसपास के 500 मीटर के दायरे के वातावरण से प्रदूषित वायु को इनटेक करेगा और स्वच्छ वायु बाहर वायुमंडल में छोड़ेगा। इस पर बाकायदा डिस्प्ले भी होगा कि टाॅवर जो हवा अंदर खींच रहा है उसमें प्रदूषण की कितनी मात्रा है व जो हवा बाहर आ रही है वो कितनी शुद्ध है। उन्होंने बताया कि हमने स्थानीय अधिकारियों से एक टाॅवर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नि:शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा जिसे उन्होंने मान लिया। इसके रखरखाव का जिम्मा भी उनकी कंपनी का ही होगा। बिजली का ख़र्च प्रशासन वहन करेगा जो कि बेहद मामूली बैठेगा। ये एयर प्योरीफायर टाॅवर अप्रैल अंत तक स्थापित हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की तमाम लागत के खर्च का वहन कंपनी ही करेगी। प्रशासन केवल इसके लिए लगभग 60 वर्ग मीटर जगह व बिजली मुहैया कराएगा। सकारात्मक नतीजे मिलने पर शहर में अन्य प्रदूषित क्षेत्रों में इन टाॅवर्स को लगाने बारे में योजना बनाई जाएगी।

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