शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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सिर्फ भूख लगने पर ही खाना चाहिए व बढ़ती उम्र के साथ कम मात्रा में खाएं -डॉ खादर

 सिर्फ भूख लगने  पर ही खाना चाहिए व बढ़ती उम्र के साथ कम मात्रा में खाएं -डॉ खादर




6 हफ्तों में आसानी से बढ़ सकती है इम्युनिटी , बचे रहेंगे सभी वायरल डिसीज से , लाइफ स्टाइल बदल कर ही हो पायेगा गुजारा 

करोना वायरस जैसे कई वायरस आते ही रहते हैं ,सरकार व वैज्ञानिकों को वैक्सीन या इलाज ढूंढने के साथ साथ सभी वारयस से लड़ने के अति आवश्यक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की जागरूकता पर ध्यान देना आवश्यक है , 

यु एस ए की करोना से बुरी  हालत अमेरिका के नागरिकों की कमजोर इम्युनिटी ही रही है। 
डॉ खादर वली ने  आज"  हेल्थी फ़ूड फार हेल्थी लाइफ "लाइव सेशन में पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर  डॉ एच के खरबंदा के साथ चण्डीगढ़वासियों से जुड़े हुए थे । 

मिलेट मैन आफ इंडिया डॉ खादर वली ने  चीनी ,चावल ,गेहूं, मांसाहार, डेयरी उत्पादों को त्याग कर मोटे अनाज यानी श्रीधान्य मिलेट्स अपनाने का संदेश दिया ।

डॉ खरबंदा के पूछने पर डॉ खादर ने सुबह सूर्य की पहली किरणों में सुर्य नमस्कार , सैर या फिर किरणों के बाद दिन की शुरुआत  कोडो की 500 एम एल अम्बली ,व घर का बना अचार  के साथ कर के किसी भी श्रीधान्य मिलेट के पुलाव , पोरिज या रोटी का सेवन करें , दिन भर छाछ, नारियल पानी , सलाद  या फल खा सकते हैं, शाम को फिर से मिलेट्स ले सकते है ।  खादर का कहना है कि सिर्फ भूख लगने  पर ही खाना चाहिए व बढ़ती उम्र के साथ कम मात्रा में खाएं । वहीं डॉ खरबंदा ने कहा कि गम्भीर से गम्भीर बीमारी से निजात पाने के लिए श्रीधान्य मिलेट्स के सेवन से 6 से 24 महीनों में सभी दवाओं से भी छुटकारा पा सकते हैं।

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