शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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सिंधु, मैरीकॉम, मनिका ने जगाई पदक की उम्मीद- भारत पदक तालिका में अभी संयुक्त 21वें स्थान पर है.

 

सिंधु, मैरीकॉम, मनिका ने जगाई पदक की उम्मीद - भारत पदक तालिका में अभी संयुक्त 21वें स्थान पर है.

भारोत्तोलक मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) के प्रतिस्पर्धा के पहले दिन रजत पदक जीतने के बाद सिंधु और मैरीकॉम ने अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करके अगले दौर में जगह बनायी. मनिका को संघर्ष करना पड़ा लेकिन वह भी टेबल टेनिस के तीसरे दौर में पहुंचने में सफल रही. चानू के पदक की बदौलत भारत पदक तालिका में अभी संयुक्त 21वें स्थान पर है.

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