शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन की 29वीं वार्षिक बैठक आयोजित: Bank of India Officers Association, 29 Annual General Body Meeting 2021

 बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन की 29वीं वार्षिक बैठक आयोजित



चंडीगढ़ 11 सितम्बर 2021: बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन नॉर्थ वेस्टर्न यूनिट ने आज पंजाब कला भवन सेक्टर 16, चंडीगढ़ में अपनी 29वीं वार्षिक आम सभा की बैठक आयोजित की है।

बैठक का आयोजन एसोसियेशन के महासचिव एस. हरमीत सिंह, कोषाध्यक्ष एस. मनप्रीत सिंह और उनकी टीम ने एस. कार्यकारी अध्यक्ष गुरशरण सिंह और अध्यक्ष एस. हर्षविंदर सिंह अरोड़ा के कुशल मार्गदर्शन में किया है।

एफबीओआईओए के अध्यक्ष तथा एआईएनबीओएफ के महासचिव एस. संजय दास और -एफबीओआईओएएस के महासचिव सुनील कुमार  सहित उद्योग जगत के प्रतिष्ठतों ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन सभी प्रतिष्ठतों ने विभिन्न उद्योग लीवर मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें बैंकिंग वातावरण में बदलाव, पीएसबी का निजीकरण और इसके खतरे और हमारे फेडरेशन और एसोसिएशन इस तरह के किसी भी कदम पर आवाज उठाने की योजना बना रहे हैं।

इस बैठक में एनबीजी-जीएम सहित बैंक के कार्यपालक और क्षेत्रीय प्रबंधक/उप. बैठक में जोनल प्रबंधक भी शामिल हुए और अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।

विभिन्न क्षेत्रों के कई और वक्ताओं ने भी विभिन्न स्थानों पर बैठक में भाग लेने वाले सदस्यों के साथ बातचीत की जैसे की चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना, गुरुग्राम और जम्मू आदि।

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