शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

News

कला व संगीत क्षेत्र में अहम् भूमिका निभाने के लिए सुरिंदर वर्मा सम्मानित

 कला व संगीत क्षेत्र में अहम् भूमिका निभाने के लिए सुरिंदर वर्मा सम्मानित


चंडीगढ़ 30 नवंबर 2021: कला व संगीत के क्षेत्र में अहम् भूमिका व योगदान देने पर शहर की आनंद संगीत वाटिका संस्था ने सिटीजन अवेयरनेस ग्रुप, चंडीगढ़ के चेयरमेन तथा आईएफएसएमएन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरिंदर वर्मा को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें हाल ही में पंचकुला में आयोजित एक भव्य सास्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम का संचालन निदेशक विनोद जैदका ने दिया। इस दौरान उनके साथ कार्यक्रम के आयोजक बिंदू जैदका सिद्धार्थ और इवेंट कंट्रोलर वैशाली जैदका भी उपस्थित थे।

सुरिंदर वर्मा जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, ने समाज के कल्याण के लिए कई कार्य किये हैं जिससे उन्हें कई प्रतिष्ठत संस्थाओं द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका हैं। उन्होंने संगीत व कला को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

इस अवसर पर सुरिंदर वर्मा ने कहा कि वे इस सम्मान को पाकर बेहद खुश है और आनंद संगीत वाटिका का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि आनंद संगीत वाटिका ने लोगों में संगीत की भावना को जगाने व संगीत के प्रति सम्मान दिलवाने का भरसक प्रयास किया जो कि सरहानीय है।

Comments