शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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Hunar Haat 2022, Sector 17, Chadnigarh चंडीगढ़ में चल रहे हुनर हाट मेले में 31 राज्यों के 720 से अधिक हुनरबाजों ने लगाई उत्पादों की प्रदर्शनी

चंडीगढ़ में चल रहे हुनर हाट मेले में 31 राज्यों के 720 से अधिक हुनरबाजों ने लगाई उत्पादों की प्रदर्शनी

 


 


इसबार मेले का आयोजन चंडीगढ़ सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में किया जा रहा है. मेले में करीब 360 स्टाल लगाए गए हैं, जिसमें से 300 स्टाल शिल्पकारों और दस्तकारों के लिए हैं, जबकि 60 स्टाल फूड कोर्ट में लगाए गए हैं. यहां आने वाले वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन खाना पसंद करने वालों का भी खास ख्याल रखा गया है और इसी के लिए अलग-अलग फूड कोर्ट बनाए गए हैं. वेजिटेरियन फूड कोर्ट को गांव की थीम पर बनाया गया है, जिसमें हर स्टाल में अलग-अलग राज्य के फूड आइटम होंगे, ताकि लोग अलग-अलग राज्यों में खाए जाने वाले व्यंजनों का लुफ्त उठा सकें. जैसे राजस्थान के स्टाल में दाल बाटी चूरमा, गुजरात के स्टाल में फाफड़ा-जलेबी, दक्षिण भारतीय राज्यों के स्टाल में इडली-डोसा एवं उत्तर प्रदेश के स्टाल में बिरयानी सहित अन्य स्वादवादु व्यंजन मिलेंगे.

हुनर हाट में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से आने वाले कलाकारों के आने-जाने, रहने और खाने का इंतजाम भी केंद्र सरकार की ओर से किया जाता है. इतना ही नहीं हर स्टाल मालिक को सरकार की ओर से प्रतिदिन 1 हजार रूपए भी दिए जाते हैं. इस मेले में चंडीगढ़ के लोगों को न सिर्फ अलग-अलग राज्यों के शिल्पकार द्वारा बनाए गए सामान को खरीदने का मौका मिलेगा, बल्कि एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को चखने का भी एक अलग तरह का अनुभव होगा. यह मेला, 25 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा.

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