शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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स्व: श्रीमती स्वदेश चोपड़ा जी की 7वीं पुण्यतिथि पर मैडिकल और आई चैकअप कैंपों में हुई मरीजों की जांच

 स्व: श्रीमती स्वदेश चोपड़ा जी की 7वीं पुण्यतिथि पर मैडिकल और आई चैकअप कैंपों में हुई मरीजों की जांच

 


7 राज्यों में लगे 140 कैंप, 26000 से ज्यादा मरीजों को मिला स्वस्थय लाभ
पंजाब केसरी समूह के मुख्य संपादक श्री विजय चोपड़ा जी की स्व. धर्मपत्नी श्रीमती स्वदेश चोपड़ा जी की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तर भारत के 7 प्रमुख राज्यों में लगाए गए 140 मैडीकल कैंप और आई चैकअप कैंपों के दौरान 26,763 मरीजों की निशुल्क जांच की गई और कई कैंपों में मरीजों को मुफ्त में दवाएं भी दी गईं। इस दौरान सबसे ज्यादा 66 कैंप उत्तर प्रदेश में लगाए गए जहां पर 7300 मरीजों की जांच हुई जबकि पंजाब में 32 कैंपो में 8344, हरियाणा में 17 कैंपो में 5356 और हिमाचल में 11 कैंपों में 3394, बिहार में 10 कैंपों में 1939, उत्तराखंड में 3 कैंपों में 326 और झारखंड में 1 कैंप में 74 मरीजों की निशुल्क जांच हुई।

श्रीमती स्वदेश चोपड़ा ने अपना पूरा जीवन धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में काम करते हुए बिताया और अपने जीवन काल के दौरान कई संस्थाओं से जुड़ी रहीं और जरूरतमंदों की सेवा के लिए तत्पर रहीं। उनके द्वारा दिया गए  समाज सेवा के इस सबक पर चलना ही पंजाब केसरी समूह की उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है और उन्हीं की दी गई शिक्षा पर चलते समूह की तरफ से रोगियों के लिए नि:शुल्क मैडीकल जांच का यह प्रयास किया गया है।

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