शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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मानसिक स्वास्थ्य में स्वर्गीय प्रो. चव्हाण के योगदान की स्मृति में जीएमसीएच ने विशेष कार्यक्रम किया आयोजित: professor smriti chauhan, GMCH Sector 32, Chandigarh

मानसिक स्वास्थ्य में स्वर्गीय प्रो. चवन के योगदान की स्मृति में जीएमसीएच ने विशेष कार्यक्रम किया आयोजित


चंडीगढ़, 25 मार्च, 2023: स्वर्गीय प्रोफेसर बीएस चवन द्वारा ट्राइसिटी में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद करने के लिए, एनजीओ परिवर्तन के साथ सेक्टर 32 जीएमसीएच के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और मनोचिकित्सा विभाग ने  डॉ बी.एस मेमोरियल रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में एम्स दिल्ली के एचओडी डॉ. आर के चड्ढा मुख्य अतिथि थे, जबकि जीएमसीएच की डायरेक्टर प्रिंसीपल डॉ. जसबिंदर कौर अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। जीएमसीएच की मनोचिकित्सा विभाग की एचओडी प्रोफेसर प्रीति अरुण ने स्वागत भाषण  दिया। डॉ प्रीति ने श्रोताओं को डॉ चवन द्वारा शुरू किए गए अनूठे सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के बारे में बताया कि किस प्रकार परिवर्तन एनजीओ तब से मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के मनोरोग विभाग के साथ मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनूठी सेवाएं प्रदान करने के लिए काम कर रहा है।

डॉ चड्ढा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे डॉ चवन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवीन सेवाओं की शुरुआत करने वाले अग्रदूत के रूप में जाना जाता था। डॉ जसबिंदर कौर ने जीएमसीएच के पूर्व डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ बीएस चवन के जीवन और कार्यों के बारे में बताया। वर्ष 2022-23 के लिए 'डॉ बी एस चवन मेमोरियल अवार्ड' के आयोजन के दौरान, भारत में पुनर्वास और सामुदायिक मनोरोग के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए एनजीओ 'आशादीप', गुवाहाटी को सम्मानित किया गया।

आशादीप की डायरेक्टर डॉ अंजना गोस्वामी ने अपनी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई और मानसिक विकार वाले व्यक्तियों के लिए पुनर्वास प्रक्रिया में व्यावसायिक गतिविधि पर अपनी बात से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मनोचिकित्सा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर व एनजीओ परिवर्तन की जनरल सेक्रेटरी डॉ शिखा त्यागी ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम में मानसिक बीमारी से पीड़ित कुल 200 व्यक्तियों, परिवार के सदस्यों, मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों ने भाग लिया।

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