शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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बोधिसत्व बाबा साहेब की 67 वां महापरिनिर्वाण दिवस, बुद्धा पीस मार्च के रूप में मनाया गया

 





 

चंडीगढ़ 6 दिसंबर: बोधिसत्व बाबा साहेब की 67 वां महापरिनिर्वाण दिवस धम्मभूमि चंडीगढ़ में  बोधिसत्व बाबा साहेब की 67 वां महापरिनिर्वाण दिवस बुद्धा पीस मार्च के रूप में मनाया गया l बुद्धा पीस मार्च रामदरबार फेस  फेस -2 के श्री गुरु रविदास मंदिर से होते हुए फेस 1 के मार्किट एवं गलियों से होकर फेस 2 के गुरु रविदास मंदिर पर समापन हुआ l उसके बाद बुद्ध वंदना और सब्बसुख गाथा की गई और बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण पर चर्चा  की गई l


  1. बोधी दिवस बौद्ध अवकाश है जो प्रतिवर्ष 8 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन भगवान बुद्ध, सिद्धार्थ गौतम (शाक्यमुनि), ने आत्मज्ञान का अनुभव किया था,[1] जिसे संस्कृत और पालि भाषा में बोधी के रूप में भी जाना जाता है। परंपरा के अनुसार, गौतम बुद्ध ने एक पीपल के पेड़ के नीचे बैठ कर मानव जीवन में दुखों के कारण का समाधान खोजने के लिए कई वर्षों तक ध्यान किया था।[2]

    संदर्भ


  2. "Buddhist Holidays". मूल से 2017-12-06 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2010-10-17.

  3. Life of Buddha

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