शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज के गद्दीनशीन होने के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ पुरी पीठ परिषद ने हिन्दू राष्ट्र के रूप में मनाया

स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज के गद्दीनशीन होने के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ पुरी पीठ परिषद ने हिन्दू राष्ट्र के रूप में मनाया

चंडीगढ़:-ऋग्वेदीयपूर्वाम्नाय पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगदगुरू शंकराचार्य अन्नतश्रीविभूषित स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज ने माघ शुक्ल षष्ठी को शंकराचार्य पद ग्रहण किया था। इस दिवस को हिन्दू राष्ट्र के रूप में मनाने के लिए पुरी पीठ परिषद चण्डीगढ़ द्वारा  सनातन धर्म मन्दिर सेक्टर 46 में दिनांक 15 फरवरी को सुबह 10 बजे रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया। 
इस मौके पर मौजूद डॉक्टर अनु कांत गोयल ने कहा कि शंकराचार्य जी के हिन्दू राष्ट्र की रचना होगी सुसंस्कृत, सुशिक्षित, सुरक्षित, सम्पन्न, सेवा परायण, स्वस्थ्य और सर्वहितपरद समाज की संरचना से।उन्होंने बताया कि उनका जीवन शंकराचार्य जी के प्रति पूरी निष्ठा से समर्पित है ।रुद्राभिषेक में डॉक्टर साहब के परिवार के अलावा शंकराचार्य जी के चण्डीगढ़ और पंजाब से आए सभी भक्त शामिल हुए जिनमें डी जी शर्मा, रमेश भारद्वाज, एडवोकेट संदीप शर्मा, तिलक राज, संदीप नागौरी, रामपाल शर्मा व एडवोकेट प्रदीप जुल्का विशिष्ट हैं । डॉक्टर्निकांत ने बताया कि शंकराचार्य हिंदू राष्ट्र के  संकल्प के प्रति पूरी तरह समर्पित है। रुद्राभिषेक में शामिल सभी लोगों ने धन्यवाद किया और कहा कि इस पूजा में शामिल होकर वह  पुण्य के भागी बने।बाद में लंगर का आयोजन प्रभु कृपा तक हुआ।

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