शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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30% इनकम टैक्स, 20% जीएसटी, प्रॉपर्टी टैक्स, रोड टैक्स, सेस के बाद जो कुछ बचा, उसके बाद यह बनाया गया।

डॉक्टर गौरव दीक्षित अपने X अकाउंट पर इस पहली तस्वीर को शेयर करके लिखते हैं

"दिल्ली में 'पॉश' GK में मेरी पत्नी का क्लिनिक।

30% इनकम टैक्स, 20% जीएसटी, प्रॉपर्टी टैक्स, रोड टैक्स, सेस के बाद जो कुछ बचा, उसके बाद यह बनाया गया। 

राष्ट्र के निर्माण और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने में हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।"

गौरव दीक्षित ने एक दम से सच कहा है क्योंकि 

मिडिल क्लास आदमी हर चीज़ पर टैक्स देता है उसके बाद सरकारें उसे बदले में यह सब देतीं हैं।

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