मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर हिंदू नव संवत्सर एवं पावन चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस के शुभ अवसर पर विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर हिंदू नव संवत्सर एवं पावन चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस के शुभ अवसर पर विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने माँ आदिशक्ति भगवती एवं देवाधिदेव महादेव से समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि लाने एवं प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।  

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अजमेर सेक्स स्कैंडल: 32 साल बाद POCSO कोर्ट ने 6 आरोपियों को दोषी ठहराया

 अजमेर सेक्स स्कैंडल: 32 साल बाद POCSO कोर्ट ने 6 आरोपियों को दोषी ठहराया

 


अजमेर में 1992 में हुए भयावह सेक्स स्कैंडल के मामले में 32 साल बाद POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस) कोर्ट ने 6 आरोपियों को दोषी ठहराया है। इस मामले ने उस समय पूरे देश को हिला दिया था। आरोपियों ने अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज की 100 से अधिक हिंदू लड़कियों के साथ गैंगरेप किया और उन्हें उनकी तस्वीरों के जरिये ब्लैकमेल किया।

1. 1992 का घटना क्रम

  • 1992 में अजमेर शहर में यह घिनौना कांड हुआ, जिसमें मेयो कॉलेज की 100 से अधिक छात्राओं के साथ गैंगरेप किया गया।
  • आरोपियों ने पीड़िताओं की तस्वीरें खींची और उन्हें ब्लैकमेल कर उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ किया।
  • इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया और यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

2. आरोपियों का संबंध

  • इस मामले में मुख्य आरोपी फारूक चिश्ती था, जो उस समय अजमेर यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष था।
  • इस घिनौने अपराध में शामिल अन्य आरोपियों का भी स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव था।

3. मीडिया और पत्रकारिता का योगदान

  • इस अपराध को उजागर करने में मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • एक पत्रकार, जिसने इस घटना को प्रमुखता से उजागर किया, की बाद में हत्या कर दी गई, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया।

4. 32 साल बाद न्याय

  • इस मामले में न्याय पाने के लिए पीड़िताओं को 32 साल इंतजार करना पड़ा।
  • POCSO कोर्ट ने आखिरकार 6 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें सजा सुनाई।
  • यह फैसला न केवल पीड़िताओं के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी है।

5. सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव

  • इस घटना ने समाज में गहरी चोट पहुंचाई और अजमेर शहर के साथ-साथ पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई।
  • यह मामला उस समय की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, जब आरोपियों का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव अपराध को लंबे समय तक दबाए रखने में सहायक बना।

6. पीड़िताओं का संघर्ष और समाज का समर्थन

  • इस मामले में पीड़िताओं ने बहुत संघर्ष किया और उन्हें समाज के एक बड़े हिस्से से समर्थन भी मिला।
  • 32 साल के लंबे संघर्ष के बाद आया यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जो न्याय के लिए लड़ रहे हैं।

7. संदेश

  • इस घटना और फैसले ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि कोई भी अपराध, चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, उसे न्याय के दायरे से बाहर नहीं किया जा सकता।
  • महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान की रक्षा के लिए यह फैसला एक मील का पत्थर साबित होगा।

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