रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव लिमिटेड (आर.एम.जी.एल.) और
रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव साउथ लिमिटेड (आर.एम.जी.एस.एल.) ने वित्तीय
वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यात्रियों और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि
दर्ज की है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एच.एम.आर.टी.सी. बोर्ड की बैठक
गुरुग्राम में रैपिड मेट्रो में यात्रियों और राजस्व में हुई उल्लेखनीय वृद्धि
रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव लिमिटेड (आर.एम.जी.एल.) और
रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव साउथ लिमिटेड (आर.एम.जी.एस.एल.) ने वित्तीय
वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यात्रियों और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि
दर्ज की है।
यह बात मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने आज यहां हरियाणा मास रैपिड
ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड के बोर्ड की बैठक के बाद कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि अप्रैल से जून 2024 के दौरान इन दोनों कम्पनियों की
कुल आय पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 10.49 प्रतिशत बढ़कर 8.11 करोड़
रुपये हो गई। यह वृद्धि सीधे तौर पर इस अवधि के दौरान यात्रियों
में 8.75 प्रतिशत की वृद्धि के कारण हुई है। रैपिड मेट्रो नेटवर्क का उपयोग
करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि के चलते अप्रैल, मई और
जून 2024 में क्रमशः 12.20 लाख, 13.48 लाख और 12.30 लाख यात्री दर्ज किए
गए।
बैठक में राज्य के अंदर कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से कई मेट्रो
परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। गुरुग्राम के सेक्टर-56 को पंचगांव से
जोड़ने वाले प्रस्तावित मेट्रो लिंक एक्सटेंशन की दूरी 36 किलोमीटर होगी और
इसमें 28 एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे। इसके लिए राइट्स लिमिटेड ने रूट और
ट्रांसपोर्ट सिस्टम प्लान को अंतिम रूप दे दिया है। विस्तृत परियोजना
रिपोर्ट को 31 अगस्त, 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विस्तार
गुरुग्राम क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार और भीड़भाड़ को कम करने के
उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो लाइन के विस्तार
में तेजी ला रही है। राइट्स लिमिटेड ने तकनीकी-व्यवहार्यता अध्ययन के बाद
अपनी मसौदा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। अंतिम रिपोर्ट और व्यवहार्यता
अध्ययन सितंबर 2024 तक सम्भावित है। इसकी राइडरशिप असेसमेंट रिपोर्ट भी
अगस्त 2024 तक आने की उम्मीद है। इसी प्रकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग
प्राधिकरण के सहयोग से एक डबल डेकर वायडक्ट समेत, फरीदाबाद और गुरुग्राम के
बीच मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए एक व्यवहार्यता अध्ययन की समीक्षा की जा
रही है।
इसके अलावा, चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में शहरी गतिशीलता बढ़ाने के
उद्देश्य से, चंडीगढ़ ट्राइसिटी के लिए व्यापक गतिशीलता योजना (सी.एम.पी.)
को मंजूरी दे दी गई है। यह एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण (यू.एम.टी.ए.)
प्रस्तावों के कार्यान्वयन की देखरेख करेगा। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
तैयार करने के लिए राइट्स लिमिटेड को नियुक्त किया गया है। नई दिल्ली से
एम्स और जिला झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, बाढ़सा तक मेट्रो
कनेक्टिविटी परियोजना के लिए राइडरशिप असेसमेंट का भी काम भी इसी कम्पनी को
सौंपा गया है। इसकी अंतिम राइडरशिप मूल्यांकन रिपोर्ट 30 सितंबर, 2024 तक
आने की सम्भावना है।
बैठक में ए सी एस अनुराग रस्तोगी, ए सी एस अरुण गुप्ता, एच एम आर टी सी
बोर्ड से चंद्रशेखर खरे, सहित बोर्ड के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
क्रमांक 2024
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