शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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कर्ज के लिए पाकिस्तान ने 6 मंत्रालय किए बंद, 1.5 लाख नौकरियां खत्म

 


पाकिस्तान का आर्थिक संकट गंभीर रूप से बढ़ गया है, जिसके चलते वहां की सरकार ने कड़े फैसले लिए हैं। IMF और अन्य वित्तीय संस्थाओं से कर्ज पाने के लिए पाकिस्तान ने 6 मंत्रालयों को बंद कर दिया है और 1.5 लाख सरकारी नौकरियों को खत्म कर दिया है। इसके अतिरिक्त, दो मंत्रालयों को आपस में मर्ज कर दिया गया है।

IMF की शर्तें और उनके प्रभाव:
IMF से 7 अरब डॉलर का कर्ज प्राप्त करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने कई कठिन शर्तों को स्वीकार किया है। इनमें टैक्स टू जीडीपी रेशियो बढ़ाना, एग्रीकल्चर और रियल एस्टेट पर टैक्स लगाना शामिल है। इससे पहले भी पाकिस्तान ने IMF, वर्ल्ड बैंक, और एशियन डेवलपमेंट बैंक से कर्ज के लिए बातचीत की थी, लेकिन तत्काल सहायता प्राप्त नहीं हो सकी थी।

जनता पर प्रभाव:
इन फैसलों का सीधा असर पाकिस्तान की जनता पर पड़ने वाला है, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है। अब बढ़े हुए टैक्स का बोझ भी जनता को सहना पड़ेगा।


सम्बंधित घटनाएं:

  1. वित्तीय संकट का कारण: पाकिस्तान का बढ़ता कर्ज, घटता विदेशी मुद्रा भंडार और कमजोर आर्थिक नीतियां इस संकट का कारण बनी हैं।
  2. आर्थिक सुधारों की जरूरत: IMF ने सुधारों के तहत पाकिस्तान से कराधान और सरकारी खर्चों में सुधार की मांग की है।
Source: https://x.com

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