शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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देशवासियों को भगवान वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! Bhagwan Valmiki Jayanti

 देशवासियों को भगवान वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!


देशवासियों को भगवान वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!

भगवान वाल्मीकि, जिन्हें आदि कवि के रूप में जाना जाता है, ने महाकाव्य रामायण की रचना कर समाज को सत्य, धर्म और आदर्श जीवन के महत्वपूर्ण संदेश दिए। उनकी शिक्षा और उनके आदर्श आज भी हमें जीवन में सच्चाई, परोपकार और कर्तव्यपालन का मार्ग दिखाते हैं। इस पावन अवसर पर हम सभी उनके उपदेशों का पालन करें और समाज में सद्भाव, एकता और शांति का संचार करें।

भगवान वाल्मीकि जयंती आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए।

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