शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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गायिका शारदा सिन्हा का निधन, 72 वर्ष की उम्र में दिल्ली के एम्स में ली अंतिम सांस: Sharda Sinha Death

गायिका शारदा सिन्हा का निधन, 72 वर्ष की उम्र में दिल्ली के एम्स में ली अंतिम सांस


दिल्ली: बिहार और उत्तर भारत के लोकगीतों की माटी की सुगंध अपने गीतों में बसाने वाली प्रख्यात गायिका शारदा सिन्हा का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली, जिससे पूरे संगीत जगत और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।

शारदा सिन्हा को लोक संगीत की दुनिया में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। छठ पूजा के गीतों में उनकी आवाज़ ने लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। उनके गीत बिहार और उत्तर भारत की परंपरा, संस्कृति और भावना का सजीव चित्रण करते थे।

उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए यह एक बड़ा आघात है। शारदा सिन्हा का निधन संगीत प्रेमियों के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन उनके गीतों के माध्यम से वे हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

 

 

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