शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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कोरोना वायरस, रोकथाम, लक्षण


*कोरोना वायरस देश में दस्तक दे चुका हैं।*

*चॉकलेट , आइसक्रीम,  कोल्ड ड्रिंक,  कोल्ड कॉफी,  फास्ट फूड,  ठंडा दूध,  बासी मीठा दूध,  बड़ा पाव,  बेकरी की बनी चीजें,  पेस्टी, केक ये सब चीजें बंद करें।* कम से *अप्रैल माह* तक जब तक की वातावरण का तापमान नहीं बढ़ जाता।


*सावधान:--*
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★ सर्दी बिल्कुल नही होने दें ।
★ जुकाम बुखार आते ही *क्रोसिन एडवांस* सुबह दोपहर शाम को 1-1 गोली 3 बार लेवें। ●-●-●
★ विक्स का इन्हेलर पास में रखें।
★ *रात सोते समय नाक कान गले और माथे पर विक्स लगावें।*


 *रोकथाम विधि*
 1.अपने गले को नम रखना।
2.गला सूखने जैसा हो तो तुरत पानी पिएं।
3.जितना हो सके गुनगुने पानी में नींबू निचोड़ कर पियें,आंवले का सेवन करें। मतलब विटामिन-C का अधिकाधिक प्रयोग करें।
4. 1 कप गर्म दूध में चुटकी भर हल्दी पाउडर डाल कर चाय की तरह कम से कम 2 बार रोज सेवन करें।
5.किसी से भी हाथ मिलाने से परहेज करें।
6.हाथों को हमेशा धोएं
7. सर्दी,जुकाम वाले व्यक्ति के सम्पर्क से बचने की कोशिश करें या मास्क लगा कर मिलें।


**लक्षण / विवरण इस प्रकार  हैं -* 
1. तेज बुखार 
2. बुखार के बाद खांसी का आना
3.वयस्क आमतौर पर असहज महसूस करते हैं, 4.सिरदर्द और मुख्य रूप से श्वसन संबंधित

क्योंकि- उपचार से बेहतर है बचाव
Prevention is Better then Cure!!

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