शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

News

फोर्टिस मोहाली में कमांडो सर्जरी से बचाई गई कैंसर मरीज की जान

मनिमल ब्लड लॉस, दर्दरहित क्विक रिकवरी और नीट एस्थेटिक स्कॉर्स के साथ एक सावधानीपूर्वक की गई सर्जरी की बेहतरील पहचान हैं



मोहाली, 16 जुलाई, 2020: फोर्टिस अस्पताल, मोहाली में डॉक्टरों की एक टीम ने हाल ही में एक मरीज के मुंह के अंदर एक एडवांस्ड घातक ट्यूमर का इलाज करने के लिए एक अनोखी और जटिल कमांडो सर्जरी की। सावधानीपूर्वक जांच और रोग की अच्छी तरह से पहचान के बाद, मरीज को कमांडो सर्जरी; यानी कंबाइंडमैंडिब्यूलेटोमी और नेक डिसेक्शन ऑपरेशन, के लिए ले जाया गया। इस जटिल प्रक्रिया का सफल संचालन डॉ.(ब्रिगेडियर) रजनीश तलवार, एडीशनल डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, फोर्टिस अस्पताल, मोहाली द्वारा किया गया।
 
मेवा सिंह , 85 वर्षीय करनाल निवासी व्यक्ति के गले में सूजन के साथ जीभ के नीचे घाव न भरने की शिकायत थी। डॉ. (ब्रिगेडियर) तलवार द्वारा उनकी सावधानीपूर्वक जांच की गई, जिन्होंने निष्कर्ष निकाला कि रोगी की स्थिति लगातार  बिगड़ती जा रही थी और उस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता थी। ट्यूमर बोर्ड में सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श और चर्चा के बाद, कमांडो सर्जरी के साथ एक विस्तृत उपचार योजना शुरू की गई।

कमांडो सर्जरी एक जटिल ऑपरेशन है जो ओरल कैविटी के इलाज के लिए लोको-रीजनली एडवांस्ड मैलिगेंसी के तौर पर की जाती है। इस मामले में इसमें ग्लॉक्टेक्टॉमी (जीभ के सम्मिलित हिस्से को हटाना), मैंडिब्यूलेटोमी (रोग से प्रभावित जबड़े को हटाना), सर्जिकल डिफेक्ट की आवश्यक रिपेयर के साथ सभी गर्दन के नोड्स के ब्लॉक डिसेक्शन को शामिल किया गया ताकि यह रोगियों की कार्यात्मक क्षमताओं को बहाल किया जा सके। इसके साथ ही वह वापिस अपनी सामान्य स्थिति को प्राप्त कर सके। इस ऑपरेशन को इसकी जटिलता और एक्सटेंसिव नेचर के कारण ये नाम दिया गया है।

इस केस के सभी सफल प्रोसीजर को पूरा करने के बारे में बात करते हुए, डॉ.(ब्रिगेडियर) रजनीश तलवार ने कहा कि ‘‘सर्जरी से पहले विस्तृत जांच के बाद हमें पता चला कि यह बीमारी उनकी जीभ से उनकी गर्दन तक फैल गई थी, जिससे मैंने अनुमान लगाया कि अभी पूरा प्रोसीजर नहीं किया गया तो मरीज की स्थिति और भी खराब हो सकती है। मरीज के शरीर में अगर किसी भी कैंसर को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है तो ये उसके लिए घातक साबित हो सकता है। इस विशेष मामले में, रोगी कई सारी समस्याओं से एक साथ प्रभावित था, जो अपने कैंसर के ऑपरेशन के लिए सही जगह और सर्जन की तलाश में 3 महीने से अधिक समय बर्बाद कर चुका था। इसलिए, हमने फोर्टिस अस्पताल मोहाली में अपनी ओपीडी में अपनी रिपोर्टिंग के एक सप्ताह के भीतर ही उसकी सर्जरी की। उनकी सर्जरी काफी अच्छी तरह से सफल रही है। उनकी पोस्ट ऑपरेटिव रिकवरी काफी तेज और दर्द रहित थी, और उनके पास काफी हद तक सामान्य तौर पर बोलने की क्षमता है और चेहरे पर कोई असामान्य निशान आदि भी नहीं है। वह पहले दिन ही सर्जरी के बाद मुंह से खाना ले रहे थे और सर्जरी के पांच दिनों के अंदर ही उनको छुट्टी दे दी गई थी।’’

श्री मेवा सिंह का कहना है कि ‘‘मुझे अपनी गर्दन के किनारे बहुत दर्दनाक फोड़े के कारण दर्द होता था, जिसे बाद में जीभ और गर्दन के कैंसर के रूप में पहचाना गया। फोर्टिस अस्पताल, मोहाली में डॉ. तलवार और उनकी टीम के प्रयासों के लिए धन्यवाद, जिनके सफल प्रयासों से अब मैं एक दर्द मुक्त, तनाव मुक्त जीवन जी रहा हूं।’’

Comments