शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर शिक्षाविद् कुलदीप अग्निहोत्री द्वारा लिखित पुस्तक भेंट की : BR Ambedkar

 डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर शिक्षाविद् कुलदीप अग्निहोत्री द्वारा लिखित पुस्तक भेंट की

 

 


चण्डीगढ़ : सप्त सिंधु डॉ. अम्बेडकर स्टडी सर्कल के अध्यक्ष देवेंदर सिंह ने पंजाब के चीफ़ इलेक्शन ऑफ़िसर डॉ. एस करुणा राजू से चण्डीगढ़ में शिष्टाचार भेंट के दौरान शिक्षाविद् कुलदीप अग्निहोत्री द्वारा भीमराव अम्बेडकर पर लिखित पुस्तक भेंट की। इस मौक़े पर करुणा राजू ने डॉ. अम्बेडकर के सामाजिकता के सिद्धांतों पर देवेंदर सिंह से चर्चा की। देवेंदर सिंह ने बताया की भविष्य में सप्त सिंधु डॉ. अम्बेडकर स्टडी सर्कल सभी वर्ग के लोगों में पहुँचकर डॉ. अम्बेडकर के सिद्धांतों पर विचार चर्चा  करेगा। इस मौक़े पर समिति के मेम्बर नरेश वैद और दिनेश दीक्षित भी उपस्थित थे।

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