शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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एलन मस्क ने रचा इतिहास: SpaceX के रॉकेट ने लॉन्च पैड पर ही की सफल वापसी

 एलन मस्क ने रचा इतिहास: SpaceX के रॉकेट ने लॉन्च पैड पर ही की सफल वापसी


अमेरिका में एलन मस्क ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो आज तक दुनिया में कोई नहीं कर पाया। उनकी कंपनी SpaceX ने एक अनोखा इतिहास रचते हुए अपने रीयूज़ेबल रॉकेट को सफलतापूर्वक उसी लॉन्च पैड पर वापस उतारा, जहां से उसे लॉन्च किया गया था।

यह उपलब्धि इस मायने में अभूतपूर्व है कि अब तक कोई भी अंतरिक्ष एजेंसी, यहां तक कि NASA भी, इस स्तर की टेक्नोलॉजी को हासिल नहीं कर पाई थी। आमतौर पर रॉकेट के जरिए जब कोई चीज़ अंतरिक्ष में भेजी जाती थी, तो रॉकेट को NEMO पॉइंट या समुंदर के किसी खाली हिस्से में क्रैश करा दिया जाता था, क्योंकि वह दुबारा इस्तेमाल के काबिल नहीं रहता था।

SpaceX ने इस पूरी प्रक्रिया को एक नई दिशा दी है। एलन मस्क की यह योजना अब केवल अंतरिक्ष में सैटेलाइट या अन्य उपकरण भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि रॉकेट को वापस लाकर उसे पुनः इस्तेमाल के लिए तैयार करना है। इससे अंतरिक्ष अभियानों की लागत में भारी कमी आएगी और अंतरिक्ष विज्ञान की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित हो सकता है।

इस तकनीक के तहत अब रॉकेट न केवल धरती पर वापस आएगा, बल्कि वह अपने ही लॉन्च पैड पर सफलतापूर्वक लैंड करेगा। यह तकनीक SpaceX की वैज्ञानिकों की टीम की मेहनत और एलन मस्क के दृष्टिकोण का प्रमाण है, जिन्होंने दुनिया को अंतरिक्ष अनुसंधान में एक नई दिशा दी है।

यह इतिहास में पहली बार है कि किसी रॉकेट को न केवल लॉन्च किया गया, बल्कि उसे पुनः इस्तेमाल करने के लिए उसी स्थान पर लैंड कराया गया। यह तकनीकी सफलता न केवल भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को सस्ता बनाएगी, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान में एक नई क्रांति का संकेत भी दे रही है।

एलन मस्क और उनकी कंपनी SpaceX की यह उपलब्धि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी छलांग है। यह भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों को और भी किफायती और प्रभावशाली बनाएगा, जिससे दुनिया के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

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