शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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धनतेरस पर भारत लौटा 102 टन सोना, कुल स्वर्ण भंडार ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा

 धनतेरस पर भारत लौटा 102 टन सोना, कुल स्वर्ण भंडार ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा


 
नई दिल्ली: धनतेरस के मौके पर भारत ने बैंक ऑफ इंग्लैंड से 102 टन सोना वापस देश में लाकर अपने स्वर्ण भंडार को एक ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। सितंबर 2022 से अब तक भारत ने कुल 214 टन सोना विदेश से स्वदेश वापस लाया है। मौजूदा समय में भारत का स्वर्ण भंडार 854.73 टन पर है, जो भारतीय इतिहास में सर्वाधिक है।

गौरतलब है कि 1990 के वित्तीय संकट के दौरान भारत सरकार को अपने आर्थिक संकट से उबरने के लिए विदेश में सोना गिरवी रखना पड़ा था। मोदी सरकार की इस पहल को भारत के आर्थिक संप्रभुता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

India’s historic repatriation of 102 tons of gold from the Bank of England on Dhanteras, symbolizing economic strength and sovereignty. Let me know if you'd like any adjustments.

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