शनिदेव और हनुमान जी की कथा

  शनिदेव और हनुमान जी की कथा बहुत समय पहले, जब रावण का अत्याचार बढ़ रहा था, तब सभी ग्रहों को उसने कैद कर रखा था। ग्रहों को अपने वश में रखकर वह खुद को अजेय समझता था। उन ग्रहों में शनिदेव भी शामिल थे। ⭐ 1. रावण के बंधन में शनिदेव रावण ने शनिदेव को जेल में बाँधकर रखा था ताकि उनकी दृष्टि उसके जीवन में न पड़े और उसे किसी प्रकार का विनाश न हो। परंतु शनिदेव मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि कोई उन्हें मुक्त करे। ⭐ 2. हनुमान जी का अशोक वाटिका पहुँचना जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुँचे, तो उन्होंने रावण के द्वारा बंदी बनाए देवताओं और ग्रहों को देखा। उनकी करुणा जाग उठी और उन्होंने सभी को मुक्त करने का संकल्प किया। ⭐ 3. हनुमान जी द्वारा शनिदेव को मुक्त करना हनुमान जी ने अपने बल से रावण की बेड़ियों को तोड़ा और सभी ग्रहों को आजादी दी। शनिदेव उनके सामने आए और बोले: “हे पवनसुत! तुमने मुझे रावण के अत्याचार से मुक्त किया है। मैं तुम्हारा उपकार कभी नहीं भूलूँगा।” ⭐ 4. शनिदेव का हनुमान जी को वचन शनिदेव ने हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा: “हे हनुमान! जो भी तुम्हारा भक्त होगा,...

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यहाँ 12 प्रमुख संस्कृत मंत्र दिए गए हैं जिन्हें हर हिन्दू को जानना चाहिए। important mantra chanting

 यहाँ 12 प्रमुख संस्कृत मंत्र दिए गए हैं जिन्हें हर हिन्दू को जानना चाहिए। ये मंत्र धार्मिक संस्कारों में प्रयुक्त होते हैं और शांति, समृद्धि और आशीर्वाद के लिए उच्चारित किए जाते हैं।

1. गणेश मंत्र

  • ॐ गण गणपतये नमः
  • अर्थ: यह मंत्र भगवान गणेश की स्तुति करता है, जो सभी विघ्नों को दूर करने वाले हैं।

2. गायत्री मंत्र

  • ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।
  • अर्थ: इस मंत्र में सूर्य देवता की उपासना की जाती है ताकि वे हमें सही मार्ग दिखाएँ और हमारे ज्ञान का विकास करें।

3. महामृत्युंजय मंत्र

  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।
  • अर्थ: यह भगवान शिव का मंत्र है, जो शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति देने वाला है।

4. सूर्य मंत्र

  • ॐ सूर्याय नमः
  • अर्थ: सूर्य भगवान को समर्पित यह मंत्र शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

5. शिव मंत्र

  • ॐ नमः शिवाय
  • अर्थ: शिवजी की महिमा गाने वाला यह मंत्र आत्मा को शांति और आनंद देता है।

6. विष्णु मंत्र

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
  • अर्थ: भगवान विष्णु को समर्पित इस मंत्र का जाप मोक्ष की ओर ले जाता है।

7. दुर्गा मंत्र

  • ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
  • अर्थ: यह मंत्र देवी दुर्गा को शक्ति और साहस का आह्वान करने के लिए है।

8. हनुमान मंत्र

  • ॐ हनुमते नमः
  • अर्थ: हनुमान जी को समर्पित इस मंत्र से भय और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

9. सरस्वती मंत्र

  • ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
  • अर्थ: माता सरस्वती की उपासना का यह मंत्र ज्ञान और विवेक की वृद्धि करता है।

10. लक्ष्मी मंत्र

  • ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
  • अर्थ: देवी लक्ष्मी को समर्पित यह मंत्र सुख, समृद्धि और धन का आह्वान करता है।

11. कृष्ण मंत्र

  • ॐ श्रीकृष्णाय नमः
  • अर्थ: भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित इस मंत्र से प्रेम और आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति होती है।

12. शांति मंत्र

  • ॐ द्यौः शान्तिः अन्तरिक्षं शान्तिः पृथ्वी शान्तिः आपः शान्तिः ओषधयः शान्तिः।
  • अर्थ: इस मंत्र से चारों ओर शांति का आह्वान किया जाता है।

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